एक टाइम का खाना खाकर गुज़ारा करना रुपया गिरावट की मार ..?
Surviving on just one meal a day
( अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
अमरावती / हैदराबाद : : (आंध्र प्रदेश) बड़े सपने लेकर विदेश में पढ़ाई करने पहुंचे भारतीय छात्र अब उनकी व्यथा कथा अपने दोस्तों को और घर परिवार को बात कर दुखी जाहिर कर रहे हैं यह हाल भारत के रुपए की गिरावट की मार है वहां की स्थिति बताते हुए उसके मित्र विजय जोशी बतायाकी ... . वहां एक टाइम का खाना, किलोमीटर पैदल चलना, रुपये की गिरावट विदेशी स्टूडेंट्स के लिए मुश्किल बना रही है।
डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट पर ज़्यादातर तेल इंपोर्ट, स्टॉक मार्केट और ट्रेड डेफिसिट के मामले में बात होती है।
लेकिन इसका उन लाखों भारतीय स्टूडेंट्स पर भी बुरा असर पड़ रहा है जो विदेश में पढ़ाई करके अच्छी इनकम कमाने का सपना लेकर घर से निकले हैं।
स्टूडेंट्स पढ़ाई से ज़्यादा इस बात से जूझ रहे हैं कि अपने दिन कैसे बिताएं।
कमज़ोर होते रुपये ने विदेश में कई भारतीय स्टूडेंट्स को गुज़ारे के लिए बजट बनाने पर मजबूर कर दिया है।
डिपार्टमेंट स्टोर और रेलवे स्टेशन में झाड़ू लगाने जैसी ऑफिशियल नौकरियों के साथ पार्ट-टाइम शिफ्ट में काम करने से लेकर, दिन में सिर्फ़ एक टाइम का खाना खाकर गुज़ारा करना या खाना ही छोड़ देना, विदेश में पढ़ाई करना बहुत मुश्किल हो गया है।
बहुत अमीर परिवारों को छोड़कर ज़्यादातर लोगों की यही हालत है। जब वे लगातार खाना छोड़कर गुज़ारे के लिए जूझ रहे होते हैं, तो वे अपनी पढ़ाई पूरी तरह से नहीं कर पाते।